विशेष


  • किसानों की चिंता, टिड्डी चट न कर जाए कपास, बाजरा की फसल  (19:22)
    नई दिल्ली, 29 मई (आईएएनएस)। मानसून के दस्तक देने से पहले इस साल टिड्डियों के धावा बोलने से किसान की चिंता बढ़ गई है। हालांकि इस समय खरीफ फसलों की बुआई शुरू नहीं हुई है इसलिए ज्यादा नुकसान का डर नहीं है, फिर भी उत्तर भारत में पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में कपास, बाजरा और मक्के की फसल को टिड्डी से नुकसान की आशंका बनी हुई है।
  • पाकिस्तानी हैंडलर्स ने बनाया 'आरोग्य सेतु एप्लीकेशन', खुफिया तंत्र का अलर्ट (आईएएनएस विशेष)  (19:50)
    नई दिल्ली, 28 मई (आईएएनएस)। खुफिया तंत्र के पास सीमा पार से आये एक इनपुट ने वर्दी वालों के होश उड़ा दिये हैं। पता चला है कि, हिंदुस्तान में कोविड-19 से जूझने मे मददगार साबित हो रहा 'आरोग्य सेतु एप्लीकेशन' कुछ पाकिस्तानी हैंडलर्स ने भी तैयार कर लिया है। चूंकि हिंदुस्तानी आरोग्य सेतु एप्लीकेशन को हर वदीर्धारी को भी डाउनलोड करना है। लिहाजा ऐसे में सबसे ज्यादा चिंता बढ़ी है दिल्ली पुलिस की। लिहाजा वक्त रहते ही दिल्ली पुलिस के खुफिया तंत्र ने इस बाबत एक 'विशेष अलर्ट नोट' जारी कर दिया है।
  • मप्र में वन विभाग भी कोरोना योद्घा की भूमिका में  (17:32)
    भोपाल, 28 मई (आईएएनएस)। कोरोना महामारी के खिलाफ जारी जंग में हर कोई अपनी क्षमता के मुताबिक योगदान दे रहा है। मध्य प्रदेश का वन विभाग भी कोरोना योद्घा की भूमिका में है। मजदूरों को राशन-पानी की मदद दिए जाने के साथ मास्क, सैनिटाइजर से लेकर साबुन आदि तक उपलब्ध कराने में वन विभाग का अमला लगा है।
  • आत्मरक्षा की सीख देने वाली वीरांगनाएं अब जरूरतमंदों की मदद के लिए उतरीं  (14:09)
    लखनऊ, 27 मई (आईएएनएस)। कल तक दूसरों को विशेषकर महिलाओं को आत्मरक्षा की सीख दने वाली वीरांगनाएं इस कोरोना काल में जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए सामने आई हैं। मजबूर प्रवासी मजदूरों की मदद करना उनकी पहली प्राथमिकता हो गयी है। पूर्णबंदी में काम धंधा बंद हो जाने से दूसरे शहरों से वापस लौटे इन गरीब श्रमिकों के बच्चों का ये न सिर्फ पेट भर रही हैं, बल्कि उन्हें संस्कार भी सीखा रही हैं।
  • बिहार में 'पगला झाड़ू वाला' जगा रहा स्वच्छता की अलख  (13:20)
    सीतामढ़ी (बिहार), 26 मई (आईएएनएस)। कई साल पहले तक जिसे लोग 'पगला झाड़ू वाला' कहकर तिरस्कृत किया करते थे, आज वही व्यक्ति बिहार के सीतामढ़ी में या यूं कहिए कि पूरे बिहार में स्वच्छता का प्रतीक बनकर स्वच्छता की अलख जगा रहा है।
  • झारखंड : भाजपा की नई समिति में जगह पाने के लिए विधायक, सांसद भी आतुर!  (15:58)
    रांची, 25 मई (आईएएनएस)। झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं में फिर से उत्साह का संचार करने के लिए तथा पार्टी की प्रदेश समिति बनाने को लेकर मंथन का दौर प्रारंभ हो गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच बैठकों का दौर जारी है। इस बार विधायक और सांसद भी समिति में आने के लिए जोड़-तोड़ में लगे हैं।
  • आदिवासी दंपति ने कोरोना काल में खोद दिया कुंआ  (13:30)
    सतना, 25 मई (आईएएनएस)। जब इरादे मजबूत हों तो कामयाबी मिलना तय है, इसका उदाहरण पेश किया है मध्य प्रदेश के सतना जिले के एक आदिवासी दंपति ने। इस दंपति ने कोरोना काल में पानी की समस्या से निजात पाने का संकल्प लिया। फिर क्या था दोनों जुट गए कुआं खोदने में, महज 20 दिन में उनकी मेहनत रंग लाई और कुआं खोद डाला व उस कुएं में पानी भी आ गया है।
  • बिहार : हाजीपुर के गांवों में निर्धनों तक ठेला से पहुंच रहा है खाना  (12:46)
    हाजीपुर, 25 मई (आईएएनएस)। कोरोना संक्रमण काल में जब दूर-दराज के गांवों में कई परिवारों के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना मुश्किल है, ऐसे समय में कोई अगर उनके घरों तक खाने का ठेला लेकर खाना खिलाने पहुंच जाए तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं होता। ऐसा ही देखने को मिल रहा है हाजीपुर और इसके आसपास के गांवों में जहां स्वामी विवेकानंद सामाजिक शोध संस्थान द्वारा जरूरतमंदों को खाना खिलाने और उन तक पहुंचकर उनकी मदद करने का बीड़ा उठाया गया है।
  • साथी बना सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमियों का सहारा  (11:55)
    लखनऊ, 25 मई (आईएएनएस)। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) विभाग द्वारा जारी एप 'साथी' उद्यमियों के लिए एक नया सहारा बना है। 14 मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आवास पर इसे लांच किया। लांच होने के साथ यह संबंधित सेक्टर के उद्यमियों में हिट हो गया। औसतन हर रोज इस पर उद्यमियों की करीब 2500 इन्क्वारीज आ रही हैं। पूछताछ करने वालों में सर्वाधिक संख्या बैंक और पूंजी के संबंध में है।
  • कोरोना काल में किसानों को मक्के का वाजिब दाम मिलना मुहाल  (11:39)
    पूर्णिया/नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। कोरोना काल में किसानों को मक्के का वाजिब दाम मिलना मुहाल हो गया है। वजह, मक्के की औद्योगिक मांग नदारद है, जबकि उत्पादन में नया रिकॉर्ड बना है। मक्का ही नहीं, गेहूं, चावल समेत मोटे अनाजों के उत्पादन में भी इस साल नया कीर्तिमान बनने का अनुमान है। ऐसे में एवजी मांग निकलने की भी कोई गुंजाइश नहीं है।
  • लॉकडाउन : लाखों एफआईआर में सैकड़ों की ही गिरफ्तारी, अब वो भी नहीं होगी क्योंकि.. (आईएएनएस पड़ताल)  (10:51)
    नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। दिल्ली में लॉकडाउन के पहले चरण से लेकर अब तक लाखों लोगों के खिलाफ कानूनी कदम उठाकर मुकदमे दर्ज किये गये। जिन धाराओं में मुकदमे (एफआईआर) दर्ज किये गये उनमें प्रमुख थीं, आईपीसी की धारा-188, दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65-66 और महामारी अधिनियम की धारा-3। लॉकडॉउन के पहले चरण में इन धाराओं में 24 घंटे के अंदर मुकदमे दर्ज होने की संख्या 3 हजार से 7-8 हजार तक पहुंच गयी थी। जोकि अब 18 पर आ चुकी है।