विशेष


  • क्रिकेट से ब्रेक ने चक्रवर्ती को 'मिस्ट्री' स्पिनर बनने में मदद की  (18:15)
    नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। कई साल पहले क्रिकेट से मिली ब्रेक ने वरुण चक्रवर्ती को एक 'मिस्ट्री' स्पिनर बनने और फिर प्रभावी तरीके से क्रिकेट में वापसी करने में मदद की थी। यह कहना है कोलकाता नाइट राइडर्स के पूर्व स्पिनर और तमिलनाडु प्रीमियर लीग (टीएनपीएल) की टीम मदुरै पैंथर्स कप्तान रोहित दामोद्रण का।
  • मप्र विधानसभा उप-चुनाव में बेलगाम जुबान  (14:36)
    भोपाल, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में हो रहे विधानसभा के उपचुनाव में चाहे जो जीते या हारे, मगर इस चुनाव ने आपसी सियासी सौहाद्र्र को जरुर बिगाड़ने का काम किया है। राजनेताओं की भाषा निम्न स्तर पर पहुंच गई है और वे एक दूसरे के खिलाफ उस भाषा का उपयोग करने में लगे है जेा समाज में कम ही उपयोग की जाती है, बल्कि उसे गली-चौराहों की बोली के तौर पर जाना पहचाना जाता है।
  • गांगुली की टीम ने पूरा किया 1 साल, कोरोना ने किया परेशान  (21:50)
    नई दिल्ली, 23 अक्टबूर (आईएएनएस)। सौरव गांगुली की अध्यक्षता वाली बीसीसीआई की टीम ने शुक्रवार को अपना एक साल पूरा कर लिया है। इस टीम के पास हालांकि आईपीएल के 13वें सीजन का आयोजन कराने के अलावा कोई और उपलब्धि नहीं है, जिसका कारण है कोरोनावायरस महामारी।
  • मुस्लिम शायर जिसने मीराबाई के पदों का उर्दू में किया अनुवाद  (14:34)
    नई दिल्ली/गाजियाबाद, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। हरि के आने की सुनी मैंने खबर, देखती हूं चढ़ के अपने बाम पर। आ रहे हैं मेरे घर कब हरि मेरे मुन्तजिर हूं मैं, जवां है हौसले। ये मीराबाई के वो पद हैं जो श्रीकृष्ण भगवान के लिए वो गाया करती थीं। हालांकि ये बात जानकर हैरानी होगी कि अब आप इन पदों को उर्दू में भी पढ़ सकते हैं।
  • बिहार विस चुनाव में नौकरी और रोजगार की 'बारिश' !  (12:58)
    पटना, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। ऐसे तो आम तौर पर किसी भी चुनाव के पहले राजनीतिक दलों द्वारा वादों की झड़ी लगाई जाती रही है, लेकिन बिहार में इस साल हो रहे विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दल नौकरियों की बारिश कर रहे हैं। अगर सच में राजनीतिक दल इतनी नौकरियां उपलब्ध करा दें तो बिहार में पलायन की समस्या ही दूर हो जाए।
  • राज्यसभा के लिए यूपी में जोर आजमाईश शुरू, बसपा प्रत्याशी बिगाड़ सकता है गणित!  (12:16)
    लखनऊ, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की दस सीटों के लिए सभी पार्टियों में जोर आजमाईश शुरू हो गयी है। भाजपा ने उम्मीदवारों के चयन के लिए मंथन तेज है। ऐसे में बहुजन समाज पार्टी द्वारा अपना उम्मीदवार उतारने के फैसले से निर्विरोध निर्वाचन की संभावना खत्म होती दिख रही है। पार्टी ने अपने नेशनल कोआर्डिनेटर रामजी गौतम को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला लिया है।
  • नोएडा के डीएलएफ मॉल में बढ़ने लगा फुटफॉल, होने लगी शॉपिंग  (15:49)
    गौतमबुद्ध नगर, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। नोएडा सेक्टर 18 स्थित डीएलएफ मॉल ऑफ इंडिया आम जनता के लिए 12 अक्टूबर को खोल गया। इससे पहले कोरोना महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन के चलते मॉल को बंद करना पड़ा था। मॉल फिर से खुलने के कुछ दिनों बाद अब भीड़ बढ़ने लगी है और फुटफॉल बढ़ गया है। धीरे धीरे भीड़ और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
  • बिहार : रिश्तों पर भारी सियासत, सास-बहू, देवरानी-जेठानी में टक्कर  (13:32)
    पटना, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। आम तौर पर चुनाव के पूर्व सत्ता तक पहुंचने की महत्वकांक्षा में नेताओं का दल बदलकर ''निजाम'' बदलने की परंपरा पुरानी है, लेकिन कोरोना काल में हो रहे बिहार विधानसभा चुनाव में रिश्तों पर भी सियासत भारी पड़ रही है, जिस कारण मतदाताओं में भी संशय है।
  • उप्र : बहू बेटियों को सशक्त बनाएंगे पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालय  (11:20)
    लखनऊ, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में बनने वाले पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालय भी मिशन शक्ति की मंशा के अनुसार नारी सशक्तिरण का जरिया बनेंगे। सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि हर पंचायत भवन में एक बैंक सखी और हर सामुदायिक शौचालय में सफाई के लिए एक महिला सफाईकर्मी - केयर टेकर होगी।
  • एक दिन की पीएम बनती तो बुर्का, हिजाब पर रोक लगा देती : रेशमा खान  (18:04)
    जयपुर, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। ऑल इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) की प्रोग्राम हेड रेशमा खान भारत में प्रगतिशील महिलाओं की आवाज का प्रतिनिधित्व करती हैं, जो निडर और बुद्धिमान हैं, हाजिरजवाब, विनोदी हैं फिर भी संवेदनशील हैं और जिनका मकसद माता-पिता के सिखाए मूल्यों का अनुसरण करते हुए प्रगति और तरक्की की सीढ़ी चढ़ना है।
  • नेहरू और मोदी : चीन संग मेलजोल रखना बनाता है और भी लालची  (16:38)
    नई दिल्ली, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। चीन की ओर से भारत पर हमला 58 साल पहले 20 अक्टूबर, 1962 को हुआ था। चीन ने जब भारत पर सुनियोजित हमला किया था, तब देश इसके लिए तैयार नहीं था और उसे युद्ध में बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा। यह इस तथ्य के बावजूद हुआ कि युद्ध से पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू एक साम्यवादी चीन के समर्थन में थे, जो विश्व स्तर पर तब भी विश्वसनीय नहीं था और इस समय भी नहीं है।