विशेष


  • सोनू सूद : रील-लाइफ विलेन से रियल लाइफ हीरो तक  (18:41)
    चेन्नई, 5 अगस्त (आईएएनएस)। तमिल फिल्म दर्शकों के लिए सोनू सूद अब तक फिल्म 'कल्लज्हगर' सहित कुछ और फिल्मों में खलनायक की भूमिका निभाने वाले एक अभिनेता रहे हैं, लेकिन कोविड के समय में सोनू रूस में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे तमिल विद्यार्थियों सहित कई लोगों के लिए नायक बनकर उभरे हैं।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 : भारतीय उच्च शिक्षा के भविष्य का पुनर्निर्माण  (16:52)
    राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के शुभारंभ से भारतीय उच्च शिक्षा में एक नए युग की शुरुआत होगी, जो पहले से काफी बेहतर होगा और एक नये भविष्य का निर्माण करेगा। एनईपी 2020 एक उत्कृष्ट दूरदृष्टि का परिणाम है और एक प्रेरणादायक नीति दस्तावेज है जो भारतीय उच्च शिक्षा के परिदृश्य में एक मूलभूत परिवर्तन का आगाज करेगा।
  • अनुच्छेद 370 हटने के बाद 'बी टू वी' कार्यक्रम के तहत पाई अपार सफलता : जम्मू-कश्मीर सरकार  (14:58)
    श्रीनगर, 5 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को समाप्त हुए एक साल पूरा हो चुका है। इस बड़े बदलाव के बाद सरकार तेजी से विकास के मोर्चे पर फोकस करके लोगों का दिल जीतने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि 'बैक टू विलेज' (बी टू वी) पहल, जिसमें लोगों के लिए 36 प्रमुख कार्यक्रम शामिल हैं, यह पर्याप्त तौर पर सफल होता दिख रहा है।
  • प्रदीप को आईएएस बनाने पिता ने पेट्रोल पंप पर नौकरी की, बेच दी पुश्तैनी जमीन  (23:01)
    इंदौर 4 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर के प्रदीप सिंह का नाम हर तरफ चर्चा में है। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) में बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने पूरे देश में टॉप किया है। प्रदीप को हर संभव सुविधा मुहैया कराने के लिए पिता मनोज सिंह ने न केवल पेट्रोल पंप में पेट्रोल भरने की नौकरी की, बल्कि पुश्तैनी जमीन तक बेच दी।
  • केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर लद्दाख का 1 साल पूरा, लोग विकास को लेकर आशावान  (17:20)
    लेह/नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। हर साल गर्मियों में लेह के बाजार सैलानियों से गुलजार दिखते थे, मगर इस बार कोरोनावायरस महामारी के कारण यहां कोई रौनक नहीं दिख रही है। फिर भी उच्च ऊंचाई वाले लद्दाख के पहाड़ों पर जैसे ही तेज धूप चमकती है, तो मूल निवासी आशा के साथ और मास्क पहनकर अपने काम से बाहर निकल आते हैं। लद्दाख के स्थानीय निवासी केंद्र शासित प्रदेश की स्थिति से काफी खुश हैं।