सी वोटर


  • 46 फीसदी लोग कोरोना महामारी को मान रहे प्रकृति का संदेश(14:37)
    नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)| दुनिया भर में नोवेल कोरोनावायरस (कोविड-19) के लगातार बढ़ते मामले और इसकी वजह से मरने वालों की संख्या में निरंतर हो रहे इजाफे के बाद करीब 46 फीसदी लोगों को लगता है कि वायरस का प्रकोप लोगों के लिए प्रकृति का एक संदेश है।
  • 94 फीसदी लोगों में फ्लू के लक्षण नहीं : सर्वेक्षण(14:17)
    नयी दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)| कोरोनवायरस के प्रसार का मुकाबला करने के लिए 14 अप्रैल तक 21 दिन के लिए किए गए राष्ट्रव्यापी बंद के बीच लगभग 94 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उनमें फ्लू के लक्षण नहीं हैं। यानी कि उच्च बुखार, सर्दी, सूखी खांसी। यह बात सोमवार को एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में सामने आई।
  • 57.5 प्रतिशत भारतीय को अगले महीने तक स्थिति बेहतर होने की उम्मीद(14:14)
    नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)| देश में कोविड-19 संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच 57.5 प्रतिशत भारतीय को उम्मीद है कि अगले महीने तक स्थिति बेहतर हो जाएगी, जबकि 17.6 प्रतिशत लोगों को ऐसा नहीं लगता है। उनका मामना है कि स्थिति और बदतर होगी। आईएएनएस/सी-वोटर के इस बाबत कराए गए दूसरे सर्वे में यह बात सामने आई है।
  • 31.4 फीसदी भारतीयों ने 3 सप्ताह से ज्यादा के लिए आवश्यक वस्तुएं इकट्ठा कीं : सर्वेक्षण(13:40)
    नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)| कोरोनावायरस प्रकोप के कारण हुए देशव्यापी बंद के मद्देनजर दुकानों की अलमारियों से जरूरी वस्तुएं जिस तरह गायब हुईं हैं, उसने चौंकाने वाले आंकड़े सामने लाए हैं। सोमवार को एक सर्वेक्षण में पता चला है कि 31.4 प्रतिशत भारतीयों ने आश्चर्यजनक रूप से खुलासा किया कि उन्होंने पहले ही तीन सप्ताह से अधिक समय तक के लिए राशन और दवाइयां जमा कर ली हैं।
  • कोरोनावायरस के चलते 87.2 प्रतिशत भारतीय स्वच्छता के प्रति जागरूक हुए(13:16)
    नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)| दुनिया एक ओर जहां खांसने और छींकने से फैलने वाले घातक कोरोनावायरस के प्रकोप को झेल रही है, वहीं दूसरी ओर ऐसे समय में 87.2 प्रतिशत भारतीय अपनी व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति सतर्क हो गए हैं। आईएएनएस/सी-वोटर के इस बाबत कराए गए दूसरे सर्वे में यह बात सामने आई है।
  • कोविड-19 से मुकाबले के लिए 75 फीसदी लोग धो रहे हाथ : सर्वे(16:40)
    नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)| बार-बार हाथ धोना कोरोना वायरस से सुरक्षा के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक साबित हुआ है। आईएएनएस-सी वोटर-गैलप इंटरनेशनल एसोसिएशन कोविड-19 के सर्वे में दुनिया भर से हिस्सा लेने वाले 75 फीसदी लोगों ने कहा है कि इस घातक वायरस से बचाव करने के लिए उन्होंने हैंडवाशिंग को अपनाया है।
  • कोविड-19 के बावजूद केवल 27 प्रतिशत लोग घरों में : सर्वे(12:03)
    नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)| भारत में नोवल कोरोनावायरस के रोगियों की संख्या 433 तक पहुंच गई है, इसके बावजूद महज 27 प्रतिशत आबादी ही अपने-अपने घरों में रह रही है और सार्वजनिक जगहों से दूर बनी हुई है, ताकि इस महामारी को फैलने से रोका जा सके। इसका खुलासा सोमवार को एक सर्वे में हुआ है।