अंतर्राष्ट्रीय


  • जापान का पुराना मिहामा परमाणु संयंत्र ऑनलाइन हुआ(15:09)
    टोक्यो, 24 जून (आईएएनएस)| जापान के समुद्र तट पर फुकुई प्रान्त में पुराना मिहिमा परमाणु संयंत्र ऑनलाइन वापस आ गया है। ये सरकार की अनिवार्य 40 वर्ष की सीमा से परे परिचालन के लिए पहला रिएक्टर है, जिसे 2011 फुकुशिमा परमाणु संकट के बाद चालू किया गया था। ये जानकारी स्थानीय मीडिया ने गुरुवार को दी है।
  • इजराइल ने पर्यटकों के एंट्री को लेकर की देरी(11:43)
    तेल अवीव, 24 जून (आईएएनएस)| देश में रोज कोविड मामलों में हो रही बढ़ोत्तरी के बाद इजरायल ने सिगल पर्यटकों के प्रवेश को कम से कम एक महीने के लिए यानी 1 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया है।
  • यमन के मारिब में संघर्ष तेज, 84 लोगों की मौत(10:08)
    सना, 24 जून (आईएएनएस)| यमन के तेल समृद्ध प्रांत मारिब में सेना और विद्रोही हौथी गुट के लड़ाकों के बीच तेज हुई लड़ाई में कम से कम 84 लोग मारे गए हैं। एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है।
  • चीन प्रोडक्शन संबंधी सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं करेगा(19:39)
    बीजिंग, 23 जून (आईएएनएस)| चीन में हुए तेज विकास में उत्पादन केंद्रों व कारखानों की अहम भूमिका रही है। चीन को विश्व का कारखाना भी कहा जाता है। हालांकि हाल के वर्षो में औद्योगिक दुर्घटनाओं ने भी लोगों का ध्यान खींचा है। इसमें थ्येनचिन पोर्ट हादसे के साथ-साथ कुछ दिन पहले हूबेई प्रांत में पाइपलाइन विस्फोट की घटना भी शामिल है। इस तरह की घटनाओं से चिंतित चीन सरकार ने सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ करने वालों के साथ सख्ती से पेश आने का फैसला किया है।
  • शिनच्यांग की प्रतिनिधि ने यूएन मानवाधिकार सम्मेलन में शिनच्यांग के विकास का परिचय दिया(19:34)
    बीजिंग, 23 जून (आईएएनएस)| चीन के शिनच्यांग उइगुर स्वायत्त प्रदेश के वैज्ञानिक संघ की उपाध्यक्ष कुलीनार वुपुली ने 22 जून को यूएन मानवाधिकार परिषद के 47वें सम्मेलन में चीन सरकार के प्रतिनिधिमंडल की ओर से भाषण देकर इधर के कुछ सालों में शिनच्यांग के सामाजिक तथा आर्थिक विकास और मानवाधिकार क्षेत्र की उपलब्धियों का परिचय दिया। उन्होंने बल दिया कि कोई भी चीन विरोधी शक्ति शिनच्यांग की स्थिरता और एकजुटता को बर्बाद नहीं कर सकती।
  • लालू आद्र्रभूमि : ल्हासा शहर का 'फेफड़ा'(19:22)
    बीजिंग, 23 जून (आईएएनएस)| चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र की राजधानी ल्हासा के पश्चिमोत्तर क्षेत्र में एक विशिष्ट आद्र्रभूमि है, जिसे लालू आद्र्रभूमि कहा जाता है। यह दुनिया में सबसे अधिक ऊंचाई वाली और सबसे बड़ी प्राकृतिक आद्र्रभूमि है। न केवल तिब्बत बल्कि समूचे चीन में एकमात्र शहरी अंतर्देशीय प्राकृतिक आद्र्रभूमि है, और यह तिब्बती पठार पर एक विशिष्ट आद्र्रभूमि है।