सेंसेक्स में बढ़त, गिरकर खुला निफ्टी ( 09:08:37 Hrs )मुंबई, 7 सितम्बर (आईएएनएस)। देश के शेयर बाजार मंगलवार को मिलेजुले रुख के साथ खुले। सेंसेक्स में 11.68 अंकों की बढ़त देखी गई जबकि निफ्टी 1.05 अंक गिरकर खुला। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित सूचकांक सेंसेक्स 11.68 अंकों की वृद्धि के साथ 18,571.73 पर खुला। बीते सोमवार को यह 18,560.05 पर बंद हुआ था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित सूचकांक निफ्टी 1.05 अंकों की गिरावट के साथ 5575.90 पर खुला। निफ्टी सोमवार को 5576.95 पर बंद हुआ था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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आईएईए की रिपोर्ट राजनीति से प्रेरित: ईरान ( 08:28:08 Hrs )तेहरान, 7 सितम्बर (आईएएनएस)। ईरान ने कहा है कि उसके परमाणु कार्यक्रम से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की ताजा रिपोर्ट राजनीति से प्रेरित और एकपक्षीय है।समाचार एजेंसी 'इसना' के अनुसार ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख अली-अकबर सालेही ने कहा, "आईएईए को यह रिपोर्ट जारी करते समय ज्यादा सजग रहना चाहिए था। इसमें उसकी निष्पक्षता बिल्कुल नहीं झलक रही है।"
सालेही ने कहा, "हमारा मानना है कि अपने इस रवैये से आईएईए ने संयुक्त राष्ट्र की एक संस्था की हैसियत गवां दी है। यही नहीं उसने अपनी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विश्वसनीयता भी खो दी है।"
इससे पहले सोमवार को आईएईए महानिदेशक युकिया अमानो ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा था कि ईरान अपने कुछ परमाणु संयंत्रों का निरीक्षण रोककर उसके कार्य में बाधा पैदा किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
की ने यूरोप दौरा रद्द किया ( 08:11:19 Hrs )वेलिंग्टन, 7 सितम्बर (आईएएनएस)। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री जॉन की ने पिछले दिनों क्राइस्टचर्च शहर में आए शक्तिशाली भूकंप की वजह से अपनी प्रस्तावित यूरोप यात्रा रद्द कर दी है।समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार की शुक्रवार को यूरोप के लिए रवाना होने वाले थे। वह ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन, फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी और पेरिस में अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करने वाले थे।
की ने सोमवार को कहा कि क्राइस्टचर्च के लोगों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए उन्होंने यह फैसला किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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सर्वोच्च न्यायालय पर प्रधानमंत्री की टिप्पणी को कांग्रेस का समर्थन ( 00:51:24 Hrs )नई दिल्ली, 7 सितम्बर (आईएएनएस)। कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस रुख का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय को सरकार के नीतिगत मामलों में दखल नहीं देना चाहिए। प्रधानमंत्री ने यह बात सर्वोच्च न्यायालय के उस निर्देश के संदर्भ में कही, जिसमें गरीबों को मुफ्त अनाज बांटने के लिए कहा गया था।कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने यहां संवाददाताओं से कहा, "उन्होंने (प्रधानमंत्री) वही कहा जो उन्हें कहना चाहिए। हम पूरी तरह उनके बयान का समर्थन करते हैं।"
ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री ने वरिष्ठ संपादकों के साथ एक बैठक में कहा था कि सर्वोच्च न्यायालय को नीति निर्माण के मामले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि गरीबों को मुफ्त अनाज बांटना असंभव है।
सिंघवी ने इस बात से इंकार किया कि यह सर्वोच्च न्यायालय पर हमला था। सिंघवी ने कहा, "मैं इस बात से पूरी तरह इंकार करता हूं कि प्रधानमंत्री ने सर्वोच्च न्यायालय पर हमला किया है। विपक्षी लोग, जो इसे सर्वोच्च न्यायालय पर हमला बता कर मामले को तूल देने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें यह नहीं पता है कि न्यायपालिका और कार्यपालिका कैसे काम करती है।"
सिंघवी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय से इस बात का कोई आदेश नहीं था कि सड़ रहे खाद्यान्नों को मुफ्त वितरित कर दिया जाए।
सिंघवी ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय ने कोई निर्देश, आदेश या फैसला नहीं दिया है। इससे संबंधित कोई आदेश नहीं है। यदि ऐसा कोई आदेश है और हम उसका उल्लंघन कर रहे हैं, तो हमारे खिलाफ अवमानना की याचिका दायर करें, हम उसका सामना करेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
मंत्रियों की संपत्ति पर पीएमओ को सीआईसी का नोटिस ( 00:11:23 Hrs )नई दिल्ली, 7 सितम्बर (आईएएनएस)। केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने केंद्रीय मंत्रियों की संपत्तियों की घोषणा संबंधी आदेश का उल्लंघन किए जाने पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आयोग ने प्रधानमंत्री कार्यालय में केंद्रीय जन सूचना अधिकारी (सीपीआईओ) को निर्देश भी दिया कि वह 10 दिनों के भीतर शिकायत को निपटाए।
आयोग ने सीपीआईओ को यह भी निर्देश दिया है कि वह आदेश की अवहेलना के संदर्भ में खासतौर से एक कार्रवाई रिपोर्ट 10 सितंबर तक सौंपे।
ज्ञात हो कि आरटीआई कार्यकर्ता सुभाष अग्रवाल ने कैबिनेट सचिवालय से सभी केंद्रीय मंत्रियों की आय और संपत्तियों के बारे में जानकारी मांगा था। बाद में यह मामला पीएमओ के पास भेज दिया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
बिहार में बजा चुनावी बिगुल (राउंडअप) ( 23:43:17 Hrs )नई दिल्ली, 6 सितम्बर (आईएएनएस)। निर्वाचन आयोग ने सोमवार को बिहार में विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंक दिया। राज्य में यह चुनाव 21 अक्टूबर से 20 नवंबर तक छह चरणों में होंगे। इसके साथ ही राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता भी लागू हो गई।मुख्य निर्वाचन आयुक्त एस. वाई. कुरैशी ने संवाददाताओं से कहा कि 21 अक्टूबर को पहले चरण के तहत 47 सीटों पर, 24 अक्टूबर को दूसरे चरण के तहत 45 सीटों पर, 28 अक्टूबर को तीसरे चरण के तहत 48 सीटों पर, 1 नवंबर को चौथे चरण के तहत 42 सीटों पर, 9 नवंबर को पांचवें चरण के तहत 35 सीटों पर तथा 20 नवंबर को छठे व अंतिम चरण में 26 सीटों पर मतदान होगा। मतगणना 24 नवंबर को कराई जाएगी।
कुरैशी ने कहा कि राज्य के लगभग 5.5 करोड़ मतदाता वोट डालने के योग्य हैं। कुल मतदाताओं की संख्या 5,50, 88, 402 है। सभी 56,943 मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से मतदान कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा प्रतिनियुक्त अधिकारियों सहित हजारों अधिकारी चुनाव का पर्यवेक्षण करेंगे। इनके अलावा हजारों सुरक्षा बलों को तैनात किया जाएगा। दागी अधिकारियों को चुनाव की ड्यूटी से बाहर रखा जाएगा।
कुरैशी ने बताया कि राज्य में बांका लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव भी साथ ही कराया जाएगा। चुनाव 1 नवंबर को होगा। यह सीट पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं जनता दल (युनाइटेड) से बाद में अलग हुए सांसद दिग्विजय सिंह के निधन के कारण रिक्त हुई थी।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता तुरंत प्रभाव से लागू हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने चुनाव की तिथियां निर्धारित करने से पहले सभी परिस्थितियों, मसलन शैक्षिक समय-सारणी, कानून एवं व्यवस्था की स्थिति पर पूरी तरह विचार किया है।
इस बीच जद (यु) नेता तथा राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं विपक्षी दल कांग्रेस ने बिहार में विधानसभा चुनाव की घोषणा का स्वागत किया है।
नीतीश ने पटना में कहा, "चुनावों का लंबा दौर तभी तर्कसंगत माना जा सकता है, यदि केंद्रीय बल पर्याप्त संख्या में सभी बूथों पर तैनात रहें।"
भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि पार्टी चुनाव के लिए तैयार है। यह पूछे जाने पर कि चुनाव प्रचार में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भाग लेंगे या नहीं, उन्होंने कहा कि अभी यह तय नहीं किया गया है।
उधर, कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा कि पार्टी चुनाव का सामना करने को तैयार है। निर्वाचन आयोग ने बुद्धिमानी का परिचय देते हुए छह चरणों में मतदान कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस बार अपने दम पर चुनाव लड़ेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
कश्मीर व शत्रु संपित्त विधेयक पर प्रधानमंत्री से मिले भाजपा नेता (लीड-1) ( 23:41:32 Hrs )नई दिल्ली, 6 सितम्बर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की और शत्रु संपत्ति पर फिर से अध्यादेश जारी करने तथा जम्मू एवं कश्मीर की नीति की समीक्षा करने की मांग की।भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्णा आडवाणी के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की और शत्रु संपत्ति अध्यादेश को फिर से जारी करने की मांग की, जो कि दो जुलाई से प्रभावी था और कुछ दिनों के भीतर यह बेकार हो जाएगा।
प्रधानमंत्री से मिलने गए प्रतिनिधिमंडल में लालकृष्ण आडवाणी के अलावा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरूण जेटली, उपनेता एस.एस.अहलूवालिया शामिल थे। बैठक के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम भी उपस्थित थे।
भाजपा ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री से कश्मीर नीति की समीक्षा करने की मांग करते हुए कहा कि सरकार को इस बात की समीक्षा करनी चाहिए कि गत 63 वर्षो में हमारी जम्मू एवं कश्मीर नीति से राज्य की एकता को फायदा पहुंचा है या उससे और समस्याएं पैदा हुई हैं।
भाजपा नेताओं ने कहा कि शत्रु संपत्ति अध्यादेश सर्वोच्च न्यायालय के उस फैसले को बेकार करने के लिए लाया गया था, जिसमें उसने अदालतों को यह अधिकार दिया है कि वे केंद्र सरकार को यह आदेश दें कि वह शत्रु संपत्तियों के संरक्षकों से संपत्तियां छीन ले।
नेताओं ने कहा कि अध्यादेश की जगह एक कानून लाने के लिए संसद के मानसून सत्र के दौरान सरकार द्वारा प्रस्तावित विधेयक समयाभाव के कारण तथा पार्टियों द्वारा इसे समझने के लिए समय मांगे जाने के कारण कानून में परिवर्तित नहीं हो पाया।
जम्मू एवं कश्मीर के मुद्दे पर भाजपा नेताओं ने कहा कि राज्य में नियंत्रण हाथ से छूट रही है। इसके साथ ही नेताओं ने केंद्र सरकार पर एक स्पष्ट कार्ययोजना के न होने का आरोप लगाया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
बंधक पुलिसकर्मियों की सकुशल घर वापसी (राउंडअप) ( 23:41:26 Hrs )पटना/बेगूसराय, 6 सितम्बर (आईएएनएस)। नक्सलियों ने 29 अगस्त को अगवा किए गए बिहार पुलिस के तीनों जवानों को रिहा कर दिया। इसके साथ ही पिछले नौ दिनों से चले आ रहे बंधक प्रकरण का पटाक्षेप हो गया। इस पूरे प्रकरण के दौरान नक्सलियों ने बंधक बनाए गए जनजातीय पुलिसकर्मी लुकस टेटे की हत्या जरूर कर दी लेकिन अब अन्य तीन पुलिसकर्मियों की रिहाई के साथ ही यह प्रकरण अब आसन्न विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है।
इस मामले में पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान सात संदिग्ध नक्सलियों को भी गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुलिसकर्मियों की रिहाई पर संतोष जताया है और साथ ही यह स्पष्ट किया है कि पुलिसकर्मियों की रिहाई के बदले में नक्सलियों से कोई करार नहीं किया गया है।
पुलिस के अनुसार सुबह तीनों पुलिसकर्मी रूपेश कुमार सिन्हा, अभय यादव तथा एहतशाम खान को लखीसराय जिले के चानन और कजरा थाना क्षेत्र की सीमा पर बसे लाखोचक गांव से रिहा कराया गया। पुलिस ने बताया कि तीनों पुलिसकर्मी स्वस्थ एवं सकुशल हैं हालांकि वे सभी तनाव में जरूर हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रिहा पुलिसकर्मियों की सबसे पहले स्वास्थ्य की जांच कराई गई।
राज्य के पुलिस महानिदेशक नीलमणि ने दावा किया कि श्रृंगी ऋषि पहाड़ी क्षेत्र से इन तीनों बंधकों को मुक्त कराया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस के तलाशी अभियान के कारण नक्सली घिर गए थे। नीलमणि के मुताबिक इस मामले में सात नक्सलियों को भी गिरफ्तार किया गया है, जिनमें प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का एक स्वयंभू एरिया कमांडर भी शामिल है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, "इस रिहाई में बुद्घिजीवियों, पत्रकारों, सभी राजनीतिक दलों के लोगों, अधिकारियों तथा पुलिस सभी ने अपनी-अपनी भूमिका निभाई। यही कारण है कि बंधक बनाए गए पुलिसकर्मी रिहा हो सके।"
उन्होंने कहा, "पुलिसकर्मियों की रिहाई के लिए नक्सलियों से किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया गया।"
नीतीश ने कहा, "मैं आज नक्सलियों से अपील करता हूं कि हिंसा से कोई कुछ हासिल नहीं कर सकता। भारत जैसे देश में हिंसा के जरिए सत्ता पर नहीं काबिज हुआ जा सकता। नक्सलियों को हिंसा त्यागने में देरी नहीं करनी चाहिए। कुछ दिनों में बिहार में चुनाव होने वाला है, यहीं से उन्हें इसकी शुरुआत कर देनी चाहिए। "
विपक्षी नेताओं ने भी तीनों बंधकों की रिहाई पर खुशी जाहिर की लेकिन वे नीतीश सरकार पर निशाना साधने से भी नहीं चूके। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष एवं पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद ने बंधक पुलिसकर्मियों की रिहाई के बाद कहा कि इसका श्रेय किसी को नहीं लेना चाहिए।
लालू ने पटना में संवाददाताओं से कहा, "इस मामले में कोई क्रेडिट न ले। इसके लिए पुलिस, सभी दलों के सदस्यों, मीडिया और बुद्घिजीवियों ने अपील की थी जिसके कारण मानवता के हित में नक्सलियों ने बंधकों को रिहा किया। इसमें सरकार और पुलिस का कोई रोल नहीं है। "
लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि राज्य सरकार इसे अपनी जीत न समझे। पासवान ने पुलिसकर्मियों की रिहाई पर खुशी जताते हुए कहा कि इन्हें पुलिस ने नहीं छुड़ाया बल्कि नक्सलियों ने खुद इन्हें छोड़ा। उन्होंने इसे नक्सलियों की उदारता बताते हुए कहा कि नक्सली जब चाहते इन्हें मार देते। उन्होंने कहा कि ऐसे में सरकार इसे अपनी जीत न समझे।
पुलिसकर्मियों की रिहाई के बाद बंधक पुलिसकर्मियों के घरों में खुशी की लहर दौड़ गई। रिहा पुलिसर्मी अभय यादव की पत्नी रजनी देवी अपने पति और उनके मित्रों की रिहाई से बेहद खुश हैं। वह कहती हैं कि भगवान ने उनकी सुन ली। बेगूसराय निवासी अभय की पत्नी इन दिनों अपने मायके खगड़िया में हैं। उन्होंने कहा, "भगवान ने मेरी सुन ली और आज मेरे पति रिहा हो गए और अब मेरे पास आ जाएंगे। आखिरकार भगवान वासुदेव ने मेरी प्रार्थना सुन ली।"
बीते 29 अगस्त को लखीसराय के कजरा थाना क्षेत्र में हुई पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ के बाद चार पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया गया था। बंधक पुलिसकर्मियों में रूपेश कुमार सिन्हा (बेतिया), अभय यादव (बेगूसराय) तथा एहतशाम खान (मांडर, रांची) शामिल थे। इससे पहले नक्सलियों ने एक अन्य बंधक पुलिसकर्मी लुकस टेटे की हत्या कर दी थी।
इस मुठभ्ेाड़ में सात पुलसकर्मी शहीद हो गए थे तथा सात से ज्यादा घायल हो गए थे। बंधक बनाए गए पुलिसकर्मियों को छुड़ाने के लिए लगातार पुलिस द्वारा तलाशी अभियान चलाया गया। नीतीश की अध्यक्षता में शनिवार को सर्वदलीय बैठक भी बुलाई गई थी। नक्सलियों ने बंधकों की रिहाई के लिए राज्य की विभिन्न जेलों में बंद अपने आठ साथियों की रिहाई की मांग की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
कश्मीर में 2 किशोरों सहित 4 प्रदर्शनकारियों की मौत (लीड-4) ( 22:48:51 Hrs )श्रीनगर, 6 सितम्बर (आईएएनएस)। उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में सोमवार को सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुए संघर्ष के दौरान सुरक्षा कर्मियों द्वारा की गई कथित गोलीबारी में दो किशोरों सहित चार प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और 15 से अधिक अन्य प्रदर्शनकारी घायल हो गए। एक सप्ताह की अपेक्षाकृत शांति के बाद हिंसा की यह पहली घटना है।इसके साथ ही कश्मीर में 11 जून से जारी ताजा हिंसा के दौर में मरने वालों की संख्या बढ़कर 69 हो गई है।
पुलिस ने सोमवार की शाम घोषणा की कि घटना की जांच का आदेश दे दिया गया है और घटना की जवाबदेही तय करने के लिए तैनात सुरक्षा कर्मियों के आग्नेयास्त्रों और गोलियों की पड़ताल की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने यहां कहा कि पथराव कर रही एक भारी भीड़ ने श्रीनगर से 35 किलोमीटर दूर पलहालन गांव में श्रीनगर-मुजफ्फराबाद राजमार्ग को जाम कर दिया था।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "राजमार्ग को खाली कराने के लिए जब सुरक्षा बलों ने हस्तक्षेप किया तो भीड़ हिंसा पर उतारू हो गई, जिसमें कई सुरक्षा कर्मी घायल हो गए। लाठी चार्ज और आंसू गैस के गोले का असर प्रदर्शनकारियों पर नहीं हुआ तब सुरक्षाकर्मियों ने हालात पर नियंत्रण करने के लिए गोलीबारी की।"
गोलीबारी में चार प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई। मृतकों में शौकत अहमद भट (16), मुहम्मद रमजान (35), नूर-उद-दीन तांत्रे (27) और मुदासिर अहमद मीर (18) शामिल हैं।
घटना में घायल 15 अन्य प्रदर्शनकारियों को विशेषीकृत इलाज के लिए श्रीनगर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
घायलों की देखरेख में लगे चिकित्सकों ने कहा कि कुछ को गंभीर चोट है और उनकी जान बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
घटना की खबर मिलने के बाद पलहालन और आसपास के इलाकों से सैकड़ों की संख्या में लोग अपने घरों से बाहर आ गए। कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए इलाके में सुरक्षाकर्मियों की अतिरिक्त तैनाती कर दी गई है।
इससे पहले पिछले सोमवार को अनंतनाग की शेरबाग पुलिस चौकी पर जब सुरक्षा बलों ने पथराव कर रही भीड़ पर रबड़ की गोलियां चलाई थीं तो 11 वर्षीय बच्चे इरशाद अहमद पारे की मौत हो गई थी।
इस बीच कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैयद अली गिलानी की अपील के बाद सोमवार दोपहर श्रीनगर व घाटी के अन्य हिस्सों में बाजार व अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले और वाहनों की आवाजाही हुई। गिलानी ने शब-ए-कदर (मुस्लिम विश्वास के मुताबिक पवित्र रात) को देखते हुए अपने प्रदर्शन कार्यक्रम में बदलाव किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
बंगाल में माकपा का सफाया हो जाएगा : राहुल (लीड-2) ( 21:07:24 Hrs )कोलकाता, 6 सितम्बर (आईएएनएस)। कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की वाम मोर्चा सरकार पर केंद्र सरकार द्वारा विकास कार्यक्रमों के लिए भेजी गई राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि अगले वर्ष होने वाले चुनावों में मार्क्सवादियों का सफाया हो जाएगा।यहां के शहीद मीनार मैदान में आयोजित पार्टी की एक रैली में अपने 10 मिनट के भाषण के दौरान राहुल ने हालांकि सहयोगी दल तृणमूल कांग्रेस पर कोई टिप्पणी नहीं की।
उन्होंने केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के दूसरे बड़े घटक दल तृणमूल या उसकी नेता एवं रेलमंत्री ममता बनर्जी का एक बार भी जिक्र नहीं किया।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) पर तीव्र प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी उस बेकार हो चुके सिद्धांत को ढो रही है, जिसे दुनिया उतारकर फेंक चुकी है।
अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि राज्य और भी पिछड़ गया है तथा केवल कार्यकर्ताओं को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
युवक कांग्रेस के सदस्यता अभियान की शुरुआत करने तथा राज्य के नेताओं के साथ संगठन के मामले पर विचार-विमर्श के लिए एक दिन के दौरे पर यहां पहुंचे राहुल ने कहा, "60 वर्ष पहले जब हम आजाद हुए थे, तब भारत एक गरीब देश था। तब प्रगति की शुरुआत हुई और हम धीरे-धीरे आगे बढ़ते गए।"
उन्होंने कहा कि अब दो अलग-अलग भारत हैं, एक उनका जिनके पास धन, शक्ति तथा उजाले से भरी गलियां हैं और दूसरा आदिवासियों एवं दलितों का, जहां शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सुविधाएं भी मौजूद नहीं हैं।
राहुल ने कहा कि पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के अब गिनती के दिन रह गए हैं।
पश्चिम बंगाल में पहली बार किसी रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने यह बात कही। हाल के रूस दौरे को याद करते हुए उन्होंने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा, "रूस में कम्युनिस्ट शासन एक दिन अचानक खत्म हो गया था। यहां भी (पश्चिम बंगाल) वही होगा।"
एक दिन के कोलकाता दौरे पर आए राहुल ने राज्य की वाम मोर्चा सरकार की जमकर निंदा की।
उन्होंने कहा, "माकपा का राज्य के गरीब, जनजातीय और हाशिए पर गए लोगों से कोई सरोकार नहीं रह गया है।"
उन्होंने कहा, "माकपा पुराने ढर्रे पर कार्य कर रही है और प्रशासन का लाभ माफिया जैसे लोगों को पहुंचा रही है।"
सफेद कुर्ता-पायजामा पहने राहुल दोपहर बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचे जहां पार्टी कार्यकर्ता पहले से ही 'राहुल गांधी जिंदाबाद' के नारे लगा रहे थे।
विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) के सदस्यों तथा राज्य पुलिस के कमांडो से घिरे हुए राहुल बड़ी संख्या में रक्षक दलों के साथ राजभवन गए।
पार्टी के पश्चिम बंगाल मामलों के प्रभारी एवं कांग्रेस महासचिव के. केशव राव, राज्य कांग्रेस के प्रमुख मानस भुइयां एवं कांग्रेस सांसद मौसम बेनजीर नूर भी राहुल के साथ थे।
उल्लेखनीय है कि राज्य में माकपा जून, 1977 से ही सत्तारूढ़ है।
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